28 सित॰ – 4 अक्टूबर 2026 · वृषभ राशि (चंद्र राशि)
गुरु आपके तीसरे और शनि ग्यारहवें भाव में।
| सोमवार, 28 सित॰ | शुभ | चंद्रमा ग्यारहवें भाव में: लाभ, इच्छाओं की पूर्ति और शुभ समाचार |
| मंगलवार, 29 सित॰ | सावधानी | चंद्रमा बारहवें भाव में: खर्च, थकान और विश्राम की आवश्यकता — फ़िज़ूलख़र्ची से बचें |
| बुधवार, 30 सित॰ | सावधानी | चंद्रमा बारहवें भाव में: खर्च, थकान और विश्राम की आवश्यकता — फ़िज़ूलख़र्ची से बचें |
| गुरुवार, 1 अक्टू॰ | मिश्रित | चंद्रमा पहले भाव में: बेचैनी भरी ऊर्जा और कुछ कर दिखाने की ललक — ऊर्जा को सही दिशा दें, बिखरने न दें |
| शुक्रवार, 2 अक्टू॰ | मिश्रित | चंद्रमा पहले भाव में: बेचैनी भरी ऊर्जा और कुछ कर दिखाने की ललक — ऊर्जा को सही दिशा दें, बिखरने न दें |
| शनिवार, 3 अक्टू॰ | शुभ | चंद्रमा दूसरे भाव में: धन लाभ, अच्छा भोजन और परिवार में स्नेह |
| रविवार, 4 अक्टू॰ | शुभ | चंद्रमा दूसरे भाव में: धन लाभ, अच्छा भोजन और परिवार में स्नेह |
प्रत्येक दिन सूर्योदय के निकट (प्रातः 6 बजे IST) के चंद्रमा से देखा गया है।
गुरु (बृहस्पति) कर्क राशि में, आपके तीसरे भाव में: प्रयासों में बाधाएँ और स्थान परिवर्तन; प्रगति के लिए अधिक परिश्रम।
शनि मीन राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में: लाभ, आय में वृद्धि और लंबे समय से रुकी इच्छाओं की पूर्ति।
यह इस राशि में जन्मे सभी लोगों के लिए वैदिक राशिफल है, जो ग्रहों की वास्तविक स्थिति (लाहिड़ी अयनांश) से बनाया गया है। यह आप पर कितना लागू होगा, यह आपकी अपनी कुंडली — लग्न और चल रही दशा — तय करती है। अपनी कुंडली देखें →