गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 · वृषभ राशि (चंद्र राशि)
चंद्रमा आपके पहले भाव में: बेचैनी भरी ऊर्जा और कुछ कर दिखाने की ललक — ऊर्जा को सही दिशा दें, बिखरने न दें।
पूरे दिन: चंद्रमा वृषभ राशि में, आपके पहले भाव में: बेचैनी भरी ऊर्जा और कुछ कर दिखाने की ललक — ऊर्जा को सही दिशा दें, बिखरने न दें।
समय भारतीय मानक समय (IST) में है। वैदिक ज्योतिष में आपकी राशि से चंद्रमा का भाव दिन का स्वर तय करता है (चंद्र गोचर)।
गुरु (बृहस्पति) कर्क राशि में, आपके तीसरे भाव में: प्रयासों में बाधाएँ और स्थान परिवर्तन; प्रगति के लिए अधिक परिश्रम।
शनि मीन राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में: लाभ, आय में वृद्धि और लंबे समय से रुकी इच्छाओं की पूर्ति।
यह इस राशि में जन्मे सभी लोगों के लिए वैदिक राशिफल है, जो ग्रहों की वास्तविक स्थिति (लाहिड़ी अयनांश) से बनाया गया है। यह आप पर कितना लागू होगा, यह आपकी अपनी कुंडली — लग्न और चल रही दशा — तय करती है। अपनी कुंडली देखें →