5 अक्टू॰ – 11 अक्टूबर 2026 · कन्या राशि (चंद्र राशि)
गुरु आपके ग्यारहवें और शनि सातवें भाव में।
| सोमवार, 5 अक्टू॰ | शुभ | चंद्रमा ग्यारहवें भाव में: लाभ, इच्छाओं की पूर्ति और शुभ समाचार |
| मंगलवार, 6 अक्टू॰ | शुभ | चंद्रमा ग्यारहवें भाव में: लाभ, इच्छाओं की पूर्ति और शुभ समाचार |
| बुधवार, 7 अक्टू॰ | सावधानी | चंद्रमा बारहवें भाव में: खर्च, थकान और विश्राम की आवश्यकता — फ़िज़ूलख़र्ची से बचें |
| गुरुवार, 8 अक्टू॰ | सावधानी | चंद्रमा बारहवें भाव में: खर्च, थकान और विश्राम की आवश्यकता — फ़िज़ूलख़र्ची से बचें |
| शुक्रवार, 9 अक्टू॰ | मिश्रित | चंद्रमा पहले भाव में: बेचैनी भरी ऊर्जा और कुछ कर दिखाने की ललक — ऊर्जा को सही दिशा दें, बिखरने न दें |
| शनिवार, 10 अक्टू॰ | मिश्रित | चंद्रमा पहले भाव में: बेचैनी भरी ऊर्जा और कुछ कर दिखाने की ललक — ऊर्जा को सही दिशा दें, बिखरने न दें |
| रविवार, 11 अक्टू॰ | मिश्रित | चंद्रमा पहले भाव में: बेचैनी भरी ऊर्जा और कुछ कर दिखाने की ललक — ऊर्जा को सही दिशा दें, बिखरने न दें |
प्रत्येक दिन सूर्योदय के निकट (प्रातः 6 बजे IST) के चंद्रमा से देखा गया है।
गुरु (बृहस्पति) कर्क राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में: लाभ, इच्छापूर्ति और मित्रों व वरिष्ठों का सहयोग।
शनि मीन राशि में, आपके सातवें भाव में: विवाह और साझेदारी में खिंचाव; जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
यह इस राशि में जन्मे सभी लोगों के लिए वैदिक राशिफल है, जो ग्रहों की वास्तविक स्थिति (लाहिड़ी अयनांश) से बनाया गया है। यह आप पर कितना लागू होगा, यह आपकी अपनी कुंडली — लग्न और चल रही दशा — तय करती है। अपनी कुंडली देखें →