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लाहिड़ी अयनांश से गणना — पारंपरिक वैदिक ज्योतिषियों द्वारा प्रयुक्त भारतीय मानक।
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जन्म कुंडली — जिसे जन्मपत्री या कुंडलिनी भी कहते हैं — वैदिक ज्योतिष की आधारशिला है। यह आपके जन्म के सटीक क्षण और स्थान पर आकाश का एक खगोलीय चित्र है, जिसमें सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु की बारह राशियों व सत्ताईस नक्षत्रों में स्थिति अंकित होती है।
लग्न (उदयलग्न) — जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर उदित होने वाली राशि — प्रथम भाव होता है और समस्त फलकथन का आधार बनता है। यह लगभग हर दो घंटे में बदलता है, इसीलिए सटीक जन्म समय इतना महत्त्वपूर्ण है।
ZingAstro आपकी कुंडली लाहिड़ी अयनांश — भारत सरकार द्वारा वैदिक खगोलशास्त्र के लिए मान्यता प्राप्त मानक — से सटीक खगोलीय गणना द्वारा तैयार करता है।
जन्म कुंडली के साथ विंशोत्तरी दशा — चंद्र के नक्षत्र पर आधारित 120-वर्षीय ग्रह-काल प्रणाली — समय-निर्धारण का प्रमुख साधन है। महादशा व अंतर्दशा के संयोजन में योग, दोष और नवमांश कुंडली मिलकर जीवन का व्यापक व बहु-स्तरीय चित्र प्रस्तुत करते हैं।
जन्म कुंडली क्या है?
जन्म कुंडली (जन्मपत्री) आपके जन्म के सटीक समय व स्थान पर आकाश का मानचित्र है। इसमें लग्न, नौ ग्रह, बारह भाव व 27 नक्षत्र दर्शाए जाते हैं — वैदिक ज्योतिष की सभी भविष्यवाणियों का आधार।
कुंडली के लिए जन्म समय क्यों आवश्यक है?
लग्न लगभग हर दो घंटे में बदलता है। सही लग्न, भाव-स्थापना व विंशोत्तरी दशा के लिए सटीक जन्म समय अनिवार्य है। बिना इसके ग्रहों की राशि व नक्षत्र स्थिति सही रहती है, पर भाव-आधारित फलकथन अनुमानित हो जाते हैं।
क्या यह कुंडली मुफ़्त है?
हाँ। ZingAstro का जन्म कुंडली टूल पूर्णतः मुफ़्त है। सम्पूर्ण उत्तर भारतीय कुंडली, ग्रह-स्थिति, नक्षत्र, विंशोत्तरी दशा, योग व दोष — सब निशुल्क। विस्तृत भुगतान-रिपोर्ट भी उपलब्ध है।
उत्तर भारतीय व दक्षिण भारतीय कुंडली में क्या अंतर है?
उत्तर भारतीय कुंडली में बारह भाव स्थिर होते हैं और राशियाँ घूमती हैं — लग्न ऊपर-मध्य हीरक में होता है। दक्षिण भारतीय शैली में राशियाँ स्थिर व भाव घूमते हैं। ZingAstro उत्तर भारत के ज्योतिषियों द्वारा प्रयुक्त पारंपरिक उत्तर भारतीय शैली बनाता है।
विंशोत्तरी दशा क्या है?
विंशोत्तरी दशा वैदिक ज्योतिष की सर्वाधिक प्रचलित ग्रह-काल प्रणाली है। जन्म के समय चंद्र के नक्षत्र के आधार पर 120 वर्षों का चक्र नौ ग्रहों को दिया जाता है। प्रत्येक ग्रह की महादशा व अंतर्दशा जीवन की प्रमुख घटनाओं का समय निर्धारित करती है।
ज्योतिष में योग क्या है?
योग कुंडली में ग्रहों, राशियों या भावों का विशेष संयोजन है जो किसी विशिष्ट फल का द्योतक है — जैसे राजयोग (अधिकार व प्रतिष्ठा) या धनयोग (सम्पत्ति), और चुनौतीपूर्ण मंगल दोष या काल सर्प योग। ZingAstro आपकी कुंडली के सभी योग व दोष पहचानकर समझाता है।
जन्म कुंडली आपके जन्म के सटीक समय व स्थान पर आकाश का मानचित्र है। तिथि, समय व शहर से लग्न, नौ ग्रह, बारह भाव व नक्षत्र निर्धारित होते हैं — हर वैदिक भविष्यवाणी का आधार।
लग्न लगभग हर दो घंटे में बदलता है, इसलिए सही लग्न, भाव व विंशोत्तरी दशा हेतु सटीक जन्म समय आवश्यक है।
हम पारंपरिक उत्तर भारतीय हीरक कुंडली बनाते हैं — भाव स्थिर, राशियाँ घूमती हैं, लग्न ऊपर-मध्य भाव में।