19 अक्टू॰ – 25 अक्टूबर 2026 · तुला राशि (चंद्र राशि)
गुरु आपके दसवें और शनि छठे भाव में।
| सोमवार, 19 अक्टू॰ | सावधानी | चंद्रमा चौथे भाव में: घरेलू तनाव और मन की अशांति — घर में शांति बनाए रखें |
| मंगलवार, 20 अक्टू॰ | सावधानी | चंद्रमा चौथे भाव में: घरेलू तनाव और मन की अशांति — घर में शांति बनाए रखें |
| बुधवार, 21 अक्टू॰ | सावधानी | चंद्रमा चौथे भाव में: घरेलू तनाव और मन की अशांति — घर में शांति बनाए रखें |
| गुरुवार, 22 अक्टू॰ | सावधानी | चंद्रमा पाँचवें भाव में: मानसिक तनाव और अचानक खर्च — अपना धैर्य बनाए रखें |
| शुक्रवार, 23 अक्टू॰ | सावधानी | चंद्रमा पाँचवें भाव में: मानसिक तनाव और अचानक खर्च — अपना धैर्य बनाए रखें |
| शनिवार, 24 अक्टू॰ | शुभ | चंद्रमा छठे भाव में: विरोधियों और बाधाओं पर विजय — समस्याओं का सीधे सामना करने का अच्छा समय |
| रविवार, 25 अक्टू॰ | शुभ | चंद्रमा छठे भाव में: विरोधियों और बाधाओं पर विजय — समस्याओं का सीधे सामना करने का अच्छा समय |
प्रत्येक दिन सूर्योदय के निकट (प्रातः 6 बजे IST) के चंद्रमा से देखा गया है।
गुरु (बृहस्पति) कर्क राशि में, आपके दसवें भाव में: कार्यस्थल पर दबाव और बदलाव; संयम रखें और जल्दबाज़ी में नौकरी न छोड़ें।
शनि मीन राशि में, आपके छठे भाव में: शत्रुओं पर विजय, रोग और ऋण से मुक्ति; लगन से किया काम फल देता है।
यह इस राशि में जन्मे सभी लोगों के लिए वैदिक राशिफल है, जो ग्रहों की वास्तविक स्थिति (लाहिड़ी अयनांश) से बनाया गया है। यह आप पर कितना लागू होगा, यह आपकी अपनी कुंडली — लग्न और चल रही दशा — तय करती है। अपनी कुंडली देखें →