शारदीय नवरात्रि व घटस्थापना · नई दिल्ली व अन्य शहर
सभी समय नई दिल्ली के स्थानीय समय में हैं (IST).
| शहर | तिथि | घटस्थापना मुहूर्त |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | गुरु, 30 सितंबर | 08:06 AM – 10:11 AM |
| मुंबई | गुरु, 30 सितंबर | 08:06 AM – 10:28 AM |
| बेंगलुरु | गुरु, 30 सितंबर | 08:06 AM – 10:09 AM |
| कोलकाता | गुरु, 30 सितंबर | 08:06 AM – 09:26 AM |
| चेन्नई | गुरु, 30 सितंबर | 08:06 AM – 09:58 AM |
| हैदराबाद | गुरु, 30 सितंबर | 08:06 AM – 10:06 AM |
| पुणे | गुरु, 30 सितंबर | 08:06 AM – 10:24 AM |
| अहमदाबाद | गुरु, 30 सितंबर | 08:06 AM – 10:30 AM |
| जयपुर | गुरु, 30 सितंबर | 08:06 AM – 10:17 AM |
| लखनऊ | गुरु, 30 सितंबर | 08:06 AM – 09:56 AM |
| चंडीगढ़ | गुरु, 30 सितंबर | 08:06 AM – 10:13 AM |
| पटना | गुरु, 30 सितंबर | 08:06 AM – 09:39 AM |
| दुबई | गुरु, 30 सितंबर | 06:36 AM – 07:32 AM |
| लंदन | गुरु, 30 सितंबर | 06:59 AM – 08:43 AM |
| न्यूयॉर्क | गुरु, 30 सितंबर | 06:51 AM – 08:22 AM |
| टोरंटो | गुरु, 30 सितंबर | 07:13 AM – 08:47 AM |
| सिंगापुर | शुक्र, 1 अक्टूबर | 06:51 AM – 07:57 AM |
| सिडनी | शुक्र, 1 अक्टूबर | 05:33 AM – 06:22 AM |
| सैन फ़्रांसिस्को बे एरिया | गुरु, 30 सितंबर | 07:04 AM – 08:32 AM |
| ह्यूस्टन | गुरु, 30 सितंबर | 07:14 AM – 08:36 AM |
| मेलबर्न | शुक्र, 1 अक्टूबर | 05:56 AM – 06:42 AM |
| ऑकलैंड | शुक्र, 1 अक्टूबर | 06:57 AM – 07:45 AM |
प्रत्येक शहर का समय उसके स्थानीय समय में है।
शारदीय नवरात्रि माँ दुर्गा के नौ रूपों — शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक — की नौ रात्रियों की उपासना है, जिसका समापन विजयादशमी पर होता है। इसका आरंभ घटस्थापना से होता है — पवित्र कलश की स्थापना, जिसमें नौ दिनों के लिए देवी का आवाहन किया जाता है — और इसी स्थापना का समय पंचांग मिनट तक निर्धारित करता है।
नवरात्रि उस दिन आरंभ होती है जब सूर्योदय के समय प्रतिपदा हो; घटस्थापना उस दिन के पहले तिहाई भाग में, अधिमानतः द्विस्वभाव लग्न (मिथुन, कन्या, धनु या मीन) में की जाती है, अन्यथा अभिजित मुहूर्त में।
प्रत्येक रात्रि दुर्गा के एक रूप को समर्पित है: शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री। भक्त व्रत रखते हैं, अखंड ज्योति जलाते हैं, दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं और अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजन करते हैं।
कलश की स्थापना प्रतिपदा को, सूर्योदय के बाद दिन के पहले तिहाई भाग में की जाती है। इसमें द्विस्वभाव लग्न को श्रेष्ठ माना जाता है, और मध्याह्न का अभिजित मुहूर्त मान्य विकल्प है। सूर्योदय व उदित लग्न स्थान पर निर्भर करते हैं, इसलिए समय हर शहर में अलग होता है — इसीलिए यह पृष्ठ आपके शहर के लिए गणना करता है।
नई दिल्ली में नवरात्रि गुरुवार, 30 सितंबर 2027 को आरंभ होगी, घटस्थापना प्रातःकाल में।
प्रतिपदा के दिन के पहले तिहाई भाग में, अधिमानतः द्विस्वभाव लग्न में; नई दिल्ली का समय इस पृष्ठ पर दिया है।