कुंडली की मूल बातें6 min मिनट का पाठ · 2026-06
नवांश वह वर्ग चार्ट है जिसे ज्योतिषी जन्मपत्री के तुरंत बाद देखते हैं — विशेषकर विवाह और ग्रहों की वास्तविक शक्ति के लिए।
प्रत्येक राशि को नौ बराबर भागों में बाँटा जाता है — प्रत्येक भाग 3°20' का। किसी ग्रह की राशि में जो सटीक अंश-स्थिति है, वह तय करती है कि वह नवांश चार्ट की किस राशि में जाएगा। इस प्रकार D9 जन्म चार्ट का विवर्धित रूप है, कोई स्वतंत्र कुंडली नहीं।
यही कारण है कि नवांश जन्म समय के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। कुछ मिनटों का अंतर किसी ग्रह का नवांश बदल सकता है, इसलिए D9 से निष्कर्ष निकालने से पहले जन्म समय की विश्वसनीयता जाँच लेनी चाहिए।
परंपरा में नवांश को विवाह और जीवनसाथी का चार्ट कहा गया है, पर इसका उपयोग इससे व्यापक है। यह बताता है कि कोई ग्रह भीतर से कितना बलवान है: जन्मपत्री में उच्च का दिखने वाला ग्रह यदि नवांश में नीच का हो (नीचांश), तो उसका वचन प्रायः पूरा नहीं होता। इसके विपरीत वर्गोत्तम ग्रह — जो दोनों चार्ट में एक ही राशि में हो — विशेष रूप से सुदृढ़ माना जाता है।
अनुभवी पाठक D1 और D9 को साथ रखकर देखते हैं। D1 घटना बताता है, D9 उसकी गहराई और स्थायित्व।
नहीं। विवाह इसका सबसे प्रसिद्ध उपयोग है, पर नवांश हर ग्रह के आंतरिक बल का माप है और किसी भी विषय के फलादेश को परिष्कृत करता है।
जब कोई ग्रह जन्म चार्ट और नवांश — दोनों में एक ही राशि में हो, तो उसे वर्गोत्तम कहते हैं। ऐसा ग्रह अपने फल देने में अधिक सुसंगत और बलवान माना जाता है।
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